Monday, December 29, 2008

एसा हो नया साल






सालो में साल आया
देखो नया साल आया
हर साल की तरह साला फ़िर आया
फ़िर कोई भूका सोयेगा
फ़िर कोई मारा जाएगा
लूट पाट और खून खराबे
बलात्कार और बम धमाके
सब यू ही होएँगे
हम बस नए साल के जस्न में खोये होएँगे
बीते हुए साल को तो
हमने यू ही ग़बा दिया
अब आने बाले साल को
हम यू कुछ ख़ास बनायेंगे
इंसा को इंसा समझेंगे
लोगो को जीना सिखायेंगे
ऊंच नीच और जात पात
अपना तुपना और भेद भाब
सबको दूर भगायेंगे
तब भीर सब मिल के गायेंगे
सालो में साल आया
देखो नया साल आया